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लघुकथा

वास्तुशास्त्र

Dr.Shyambabu Sharma   |   ISSUE VI

 

प्लाट की रजिस्ट्री करवा कर राजीव ने तुरंत ही प्लाट की बांउन्ड्री कराना उचित समझा। अनुभवी लोगों ने मशविरा दिया कि नक्शा बनवाकर बाउन्ड्री कराने से डबल खर्च नहीं होगा। राजीव हर काम को चुस्त दुरुस्त करने के हिमायती। पश्चिम मुखी घर में किस दिशा में कौन-कौन से कमरे रहेंगे इसकी वास्तुशास्त्री से पूरी तफ्सीस की।
बिल्कुल उत्तर पश्चिम में बैठक कक्ष। आग्नेय कोण में अन्नपूर्णा वास। पानी का निकास वायव्य दिशा में। बच्चों का कमरा दक्षिण पश्चिम की ओर। टेबल चेयर की दिशा पूरब को। वंदना की जिद अटैच पर थी परंतु इस आधुनिक संस्कृति में वास्तु दोष के कारण वंदना रुक गई। जल स्रोत मल निस्तारण के स्थान इंगित किए गए। बेड रूम की दिशा भी। श्लील अश्लील अब ग्रंथों के शब्द हैं! पूजा घर देवस्थान के लिए ईशान कोण भूमि पूजन, आहुतियां और प्रसाद वितरण। पंडित श्रीधर ने दक्षिणा ली और बगल में खड़े जजमान सुख नंदन की ओर निहारते राजीव से पूछा ‘भैकरा का कमरा?’
. . . जीजी जी बाबू जी बैठक कमरे में. . वंदना ने स्वर विस्तारित कर संपूर्ति की ‘हां हां पंडित जी यह बैठक कमरा है ना!


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Dr.Shyambabu Sharma