चैताली दीक्षित


आप सबने विभिन्न प्रकार के भाषाओं और उनकी विविधताओं के बारे में सुना होगा पर क्या आपको पता है कि मेघालय में वाहन भी आपस में बातें करते हैं? मेघालय की खूबसूरत वादियों में गोल सर्पाकार सड़कों पर सरसराते छोटे-बड़े वाहन आपस में चुपके से हॉर्न की मधुर भाषा में एक दूसरे से बहुत कुछ कह जाते हैंl किसी घर में मौत या गमी हुई हो तो घर के सामने से गुजरते सारे वाहन बहुत ही धीमी रफ्तार से उस घर के सामने से गुजरते हैं, जो मृत व्यक्ति को श्रद्धांजलि का प्रतीक माना जाता है। वाहनों के माध्यम से संवेदनशीलता की ये मिसाल क्या आपने कहीं और देखी या सुनी है? हर जगह ये वाहन धैर्य पूर्वक आपस मे ताल-मेल बिठाकर निकलते हैं। वाहनों के माध्यम से वाहनचालकों की आपसी समझदारी एवं धैर्य बेहद प्रशंसनीय है l पहाडी रास्तों पर संकरी सड़कों पर ऊपर से आते वाहन, चढ़ाई चढ़ते वाहनों को प्राथमिकता देते हैं और किनारे रुक कर उन्हे रास्ता देते हैं l चढ़ाई पूरी कर ऊपर आने वाले वाहन के चालक हॉर्न को धीरे से दबा दूसरे वाहन चालक को धन्यवाद देता है, जिसने ऊपर ही रुक कर चढ़ाई चढ़ते वाहन का मार्ग सुगम किया l इस मधुर धन्यवाद का जवाब प्रतीक्षारत वाहनचालक भी अपने वाहन के हॉर्न को धीरे से दबा कर देता है जिसका मतलब है “वेलकम” l इस प्रकार संकरे सड़कों पर लाखों वाहन बिना वाहन चालकों के अहंकार का शिकार हुए धैर्य पूर्वक गुजरते हैं l है ना करिश्माई? क्या हम यहां की वाहनों की खूबसूरत भाषाई परंपरा को देश के हर कोने तक नहीं पहुंचा सकते? वाहनों के इस खूबसूरत ताल-मेल मे सुकून एवं भयमुक्त वाहन चालन का आनंद बेहद खूबसूरत है चैताली दीक्षित: प्रवक्ता, सेंट एन्थोनी हायर सेकेंडरी स्कूल

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