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Poesy - कवितायन

आजादी अमृत महोत्सव

Hemlata Golcha   |   ISSUE VI

हेमलता गोलछा, गुवाहाटी
आजादी की उमंग दिलों में जगाने को
नव स्वर्णिम युग का उत्थान हुआ।
बिगुल बजा विकास का भारत में
चहुँमुखी उन्नति का सूत्रपात हुआ।
तोड़ पराधीनता की बेड़ियों को
जीवंत लोकतंत्र का निर्माण हुआ।
ग्रामीण विकास योजना की नींव रखी
संविधान के आदर्श स्वरूप का निर्माण हुआ।
शिक्षा को मिला आधार स्तंभ
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की धारा का प्रवाह हुआ।
खंड खंड में बंटे भारत को अखंड बना
370 धारा का सफाया कश्मीर से हुआ।
आतंकी हमलों का मुँहतोड़ जवाब दिया
सर्जिकल स्ट्राइक का कीर्तिमान नाम हुआ।
मिटाने को भ्रष्टाचार उठाए ठोस कदम
नोट, वोट और खोट में नव चमत्कार हुआ।
सैन्य का सीना चौड़ा, महाशक्ति मिसाइल से
अंतरिक्ष में छलांग से प्रगति क्षेत्र को मकाम मिला।
स्वच्छ भारत अभियान है जोरों पर
‘नमामि गंगे’ से नदियों का जीर्णोद्धार हुआ।
देश विनिर्माण में कड़ियाँ जोड़ दी लाखों
आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न का संचार हुआ।
पारदर्शिता है चुनौतिशील है राष्ट्रीय नायक
तीन तलाक मिटा ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का आग़ाज़ हुआ।


author
Hemlata Golcha